अब तो फांसी लगाने पर मजबूर ट्रक ड्राइवर… सुनिए कलेक्टर साहब, यह बेबसी की पुकार है!”
सिकंदरा / परिवहन चौकपॉइंट पर अवैध वसूली का खेल खुलेआम चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और प्रशासन चुप्पी साधे बैठे हैं।
यह हालात सिर्फ चालकों की ही नहीं, बल्कि सरकार की साख पर भी गहरे सवाल खड़े करते हैं।*
जनता पूछ रही है—
👉 आखिर कब खुलेगी प्रशासन की नींद?
👉 क्या प्रशासन ट्रक ड्राइवरों की मौत पर जागेगा।
👉 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी, कब होगा ठोस एक्शन?
👉 किसके संरक्षण में पल रहा है सिकंदरा चौकपोस्ट का यह
भ्रष्टाचार का अड्डा?
*लगातार शिकायतों और अखबारों में प्रकाशित खबरों के बावजूद यदि कार्यवाही नहीं हो रही है, तो यह जनविश्वास और शासन की पारदर्शिता दोनों पर गहरा धब्बा है।*

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