करैरा स्वास्थ्य विभाग की खुली पोल… 24 घंटे डॉक्टर अनिवार्य, लेकिन अस्पताल में डॉ नहीं 

करैरा के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। सुबह से मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन ड्यूटी डॉक्टर का कोई अता-पता नहीं है।


एक मरीज ने बताया कि“मैं सुबह 9 बजे से डॉक्टर का इंतजार कर रहा हूँ, लेकिन अब तक कोई डॉक्टर नहीं आया। जबकि यहाँ 24 घंटे डॉक्टर रहना अनिवार्य होता है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति आम बात बन चुकी है। आपातकालीन सेवाएँ ठप हैं और मरीजों को निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है।


नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जाए और नियमित ड्यूटी सिस्टम लागू किया जाए।

करैरा के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। सुबह से मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन ड्यूटी डॉक्टर का कोई अता-पता नहीं है।


एक मरीज ने बताया कि“मैं सुबह 9 बजे से डॉक्टर का इंतजार कर रहा हूँ, लेकिन अब तक कोई डॉक्टर नहीं आया। जबकि यहाँ 24 घंटे डॉक्टर रहना अनिवार्य होता है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति आम बात बन चुकी है। आपातकालीन सेवाएँ ठप हैं और मरीजों को निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है।


नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जाए और नियमित ड्यूटी सिस्टम लागू किया जाए।

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