करैरा मे रेत माफिया का आतंक दिनदहाड़े अवैध उत्खनन से क्षेत्र में मची तबाही, प्रशासन की चुप्पी पर 



शिवपुरी/ करैरा विधानसभा क्षेत्र मे कई पनडुब्बियन बिना लीज की दिनदहाड़े बेखौफ होकर चल रही है। जेसीबी मशीनों और पनडुब्बियों का उपयोग कर दिनदहाड़े और रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में स्थानीय और जिला प्रशासन की निष्क्रियता से यह काला कारोबार दिन-प्रतिदिन फल-फूल रहा है। प्रशासन की मिलीभगत से टोकन सिस्टम के जरिए बिना रॉयल्टी के रेत की निकासी हो रही है। यह न केवल सरकारी राजस्व को चोट पहुंचा रहा है, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरण और संसाधनों का भी विनाश कर रहा है। अवैध रेत से भरे टैक्टरो को प्रशासन इन वाहनों को रोकने के बजाय अनदेखा कर रहा है रेत माफियाओं ने नदियों की ओर जाने वाले भी प्रमुख रास्तों पर अपने मुखबिर तैनात कर रखे हैं। प्रशासनिक कार्रवाई की भनक लगते ही इन्हें सतर्क कर दिया जाता है। वहीं, रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक बंदूकधारी गुंडों की निगरानी में रेत का उत्खनन धड़ल्ले से होता है। प्राकृतिक और जलीय जीवन पर संकट, अवैध खनन से महुअर नदियों के जलाशय और किनारे बर्बाद हो रहे हैं। जलीय जीव-जंतुओं के आवास नष्ट हो चुके हैं, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही, पीने के पानी की समस्या भी गंभीर हो गई है। निष्क्रिय प्रशासन बना समस्या का हिस्सा । क्षेत्रीय और जिला प्रशासन, पुलिस, और खनिज विभाग की निष्क्रियता ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। प्रशासन की चुप्पी और सहयोग रेत के इस काले कारोबार को बढ़ावा दे रही है रेत के अवैध उत्खनन को रोकने के लिए प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। पर्यावरण, राजस्व और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। इस मामले में जनता और सामाजिक संगठनों को भी आवाज उठानी चाहिए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का दोहन बंद हो सके। 

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